Friday, 20 February 2015

कैंडी क्रश

आज कल समाज मे स्मार्टफोन और फेसबुक के जरिए एक बिमारी ने दस्तक दी है जो कि युवाओ, बुर्जुगो और बच्चो के दिलो दिमाग पर हावी हो गई है। कैंडी क्रश एक गेम जिसका जन्म लंदन के किंग संस्थान के द्वारा 14 अप्रैल 2012 मे फेसबुक उपभोग्ताओ के लिए हुआ। नवम्बर 2012 मे इसका मोबाइल एप भी लाँच कर दिया जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

इसमे लाल, संतरी, नीली, पीली और बैंगनी रंग की अलग अलग आकृति होती है और कम से कम एक जैसी तीन आकृतियो को मिलाना पडता है वो भी तय समय सीमा के अंदर। बिते वर्ष 2014 मे इस गेम को सबसे ज्यादा लोगो ने डाउनलोड किया और अपने साथ साथ दोस्तो को भी इसका शिकार बनाया। इसे  खेलने के साथ ही इसमे कुछ स्तर के बाद अपने साथियो को इसे खेलने के लिए आमंत्रित करना पडता है। जिसे एक ललकार के साथ दुसरा साथी ज्यादा अंक के चक्कर मे दिन-रात बस, मैट्रो, कैफे, घर, आफिस, सब जगह अपने फोन मे नजऱ गडाये रहता है। जहाँ एक ओर यह मनोरंजन का साधन है वही दूसरी ओर हम कही न कही सिर्फ और सिर्फ इसी के होकर रह गये है। अब बस, मैट्रो, घर, आफिस, चाय की दुकान आदि पर कोई सामाजिक चर्चा नही होती परिणाम स्वरूप हमारी तार्किक शक्ति कमजोर हो रही है।


जिससे बचने के लिए हमे जरूरत है इसे अपने दिमाग पर हावी न होने दे और सिर्फ थकान मिटाने के लिए ही खेले न कि सिर्फ खेलेने के चक्कर मे मानसिक रूप से ही थक जाए।
                                                                         

Friday, 13 February 2015

वेलंटाइन डे






पश्चिमी देशो का त्योहार वेलंटाइन डे आज भारत मे खास कर दिल्ली मे भी अपने चरम पर है। जिस तरह से

युवा दिलचस्पी ले रहे है यह देखकर लगता है कि इसे सरकारी छुट्टी घोषित कर देनी चाहिए क्योकि काॅलेज और

आॅफिस मे युवा अपने प्रेमी प्रेमिका से मिलने के लिए क्या क्या पापड नही बेलते पर कुछ समय (महिने साल)

बाद

चलता है कि ब्रैकअप हो गया। कारण पूछने पर जवाब मिलता है कि उसने मुझे धोखा दिया। पर थोडे समय बाद

यही सिलसिला किसी नये युवक युवती के साथ शुरु होता है।वही वादे  फूल  दिल आकार का गिफ्ट और बार

बार लव यू लव यू टू जैसे शब्द इन प्यार मे विक्लांग लोगो के लिए बैसाखी का काम करती है।

संत वेलंटाइन जो प्रेम का पाठ पढाते पढाते सूली पर चढ गये और हम उसी प्यार को मजाक बना रहे है। दोस्तो

कल 14 फरवरी प्यार इजहार करने का दिन है इसे अनायास ही किसी की भावनाओ से खेलने के वजाय इकदूजे

के दिलोदिमाग को समझना ताकि प्यार की बेतरनी पार करने के लिए किसी तरह कि बैसाखी की जरुरत ही न

पडे।

                                                                                                                                   दीपक झा