Sunday, 5 June 2016

गुस्सेल चिडिया

आज 3डी एनिमेटेड कॉमेडी, द एंग्री बर्ड्स मूवी देखी। हां वही गुस्सेल चिडिया, जो आंख निकाले, मुंह फुलाएं, नाक उठाये रहता है। जिसे हमने खेल खेल में न जाने कितनी बार खिंच खिंचकर सामने वाली इमारत को गिराते है। इस फिल्म को देखने के बाद यह समझ में आसानी हो जाती है कि हम सामने कि इमारत को  क्यों गिराते है। इस खेल में रेड, ब्लैक, येलो बर्ड्स काफी पसंद की जाती हैं और इनके इर्दगिर्द कहानी रच कर 'द एंग्री बर्ड्स मूवी' बनाई गई है। कम्प्यूटर एनिमेटेड इस फिल्म में एक्शन, एडवेंचर और कॉमेडी है। दरसल बर्ड आयलैंड में रहने वाला रेड बर्ड अक्सर नाराज रहता है। उसके साथी उसे आंखों के ऊपर मूंछ वाला कह कर चिढ़ाते हैं। रेड के गुस्से से परेशान होकर उसे एंगर मैनेजमेंट सीखने के लिए भेजा जाता है, जहां उसी की तरह चक (येलो बर्ड), बॉम्ब (ब्लैक बर्ड) और बिग रेड बर्ड भी अपने गुस्से को काबू में रखना सीख रहे हैं। इनमें अच्छी दोस्ती हो जाती है।  उसी दौरान आयलैंड पर ग्रीन पिगीज़ आते हैं जिनके खतरनाक इरादे रेड और उसके साथी भांप जाते हैं, लेकिन बर्ड आयलैंड वाले उनका कहा नहीं मानते और पिगीज़ की लुभावनी बातों में फंस जाते हैं। बर्ड्स के सारे अंडे पिगीज़ ले भागाते हैं। रेड और उसके साथी किस तरह से ये अंडे वापस लाते है। रेड बर्ड तो आपका दिल जीत लेता है। इनके कारनामे रोमांचित करते हैं। ग्रीन पिग्स के आने के बाद उम्मीद बंधती है कि कहानी में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, लेकिन थोड़ी निराशा होती है क्योंकि कहानी सीधी और सपाट है। ग्रीन पिग्स से अंडे वापस लाने वाली बात रोमांचक नहीं है और क्या होने वाला है इसका अंदाजा लगाना आसान है। क्लाइमैक्स थोड़ा बेहतर हो सकता था यदि इसमें बर्ड्स के कुछ और कारनामे देखने मिलते। इसके बावजूद फिल्म आपको दिलचस्प किरदारों के कारण ज्यादातर समय बांध कर रखती है।फिल्म का एनिमेशन आंखों को सुकून देता है। रेड, येलो और ब्लैक बर्ड्स भरपूर मनोरंजन करते हैं। माइटी ईगल वाले सीन गुदगुदाते हैं। यह फिल्म उन लोगों को ज्यादा पसंद आएगी जिन्होंने ये गेम खूब खेला है।